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सभी दर्दो की दवा -सिद्ध वातदर्द कल्पचुर्ण

*सिद्ध इन्द्रयाण अजवाइन*

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सिद्ध अयूर्वादिक

               *सिद्ध इन्द्रयाण अजवाइन*

समस्त दर्द, गठिया रोगों, कफ़ रोगों, स्तन रोगों,पेट के रोगों औऱ आंत के रोगो में सदियों से इन्द्रयाण अजवाइन को अमृत माना जाता रहा है।

           *कैसे तैयार होती हैं इन्द्रयाण अजवाइन*

        *इन्द्रयाण फ़ल में अजवाइन को डाल देते है।*
*5 किलो अजवाइन में 3 किलो इन्द्रयाण 500 ग्राम काला नमक,काली मिर्च  समेत  7 और अयूर्वादिक जड़ी बूटियों को मिलाकर कर 60 दिन के लिए रख देते हैं।*

5 किलो अजवाइन में 3 किलो इन्द्रयाण 500 ग्राम काला नमक,काली मिर्च
★भूमि आवला          50  ग्राम
★बाकुची                 20  ग्राम
★शुद्ध शिलाजी        10  ग्राम
★काली मिर्च            20  ग्राम
★सफ़ेद जीरा           50  ग्राम
★काला जीरा।          50  ग्राम
★कुडू                     50  ग्राम

*60 दिन में इन्द्रयाण अजवाइन तैयार  हो जाती हैं*

       *Online मंगवा सकते हैं इन्द्रयाण अजवाइन*

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     *इन्द्रायण (गड्तुम्बा) के बारे संपूर्ण जानकरी*

इन्द्रायण की बेल समस्त भारत में पाई जाती है। इसकी लंबाई 20 से 30 फुट होती है। पत्ते असमान भागों में विभक्त तरबूज के पत्तों क…

सिद्ध कायाकल्प चुर्ण

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सिद्ध कायाकल्प चुर्णसभी रोग के लिए  सदैव युवा रखने वाला, शरीर का पूरा कायाकल्प करने वाला सदाबहार चूर्णसिद्ध कल्पचुर्ण चुर्ण सदा घर मे रखे जब कोई समस्या हो तो विधि अनुसार ले। किस रोग में कैसे कायाकल्प चुर्ण ले .हर रोग के लिए विधि विस्तार से पोस्ट में लिखी हुई है।★★★कायाकल्प चुर्ण वात पित्त कफ़ को संतुलित करता है। किसी भी नशे को छुड़ाने में कारगर है काया क्ल्प चूर्ण।थकान एक पल में दूर होगी। क्योंकि एलोवेरा हर नस को पूर्ण क्रिया में ले आता है । कंपन रोग में बजुर्ग लोग लगातार यह चुर्ण इस्तेमाल करे।★★★आज बढ़ते हुए तनाव, मानसिक थकान, चिंता, शारीरिक रोग ये सब असमय ही इंसान को बूढा बना देती हैं। भरी जवानी में इंसान बूढा नज़र आने लगता हैं। अगर आप अपना योवन कायम चाहते हैं तो आपको यथासंभव तनाव, चिंता को त्यागना होगा।
कहा भी जाता हैं के चिंता से बड़ा कोई शारीरिक शत्रु नहीं हैं। योग करे, ध्यान करे, दोस्तों से मिले, बच्चो और बुज़ुर्गो के साथ समय बिताये, किसी क्लब का सदस्य बनिए, हफ्ते में एक दिन गौशाला जाइए, किसी गरीब को खाना खिलाये। इस से आपकी तनाव और चिंता भाग जाएगी।
इसके साथ हम आज आपको बताने जा रहे हैं …

सिद्ध कायाकल्प तेल --योनि कसाव के लिए*

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सिद्ध अयुर्वेदिक

                *सिद्ध कायाकल्प तेल*
                 *योनि कसाव के लिए*
                     *अयुर्वेदिक तेल*
                       *खुद बनाए*

*आजकल कुछ महिलाओं को बच्चे पैदा होने के बाद योनि में बहुत ढीलापन आ जाता है।*
*100 में 10 महिला होती है इस रोग की शिकार*
    *जिस कारण हीनभावना से मन भरता है*

*अगर आप को ऐसा महसूस होता है तो यह अयुर्वेदिक सिद्ध नुस्खा अपनाएँ।*

100 ग्राम अनार छिलका
50 ग्राम माजूफल
50 ग्राम एलोवेरा जैल
50 ग्राम मोचरस रस
50 ग्राम लाल फिटकरी
50 धाय के फूल

सभी सामग्री को 1 लीटर पानी मे उबालना  शुरू करे। जब पानी आधा जल जाए तो 500 ग्राम तिल का तेल डाल दे।
*जब पानी जल जाए तो तेल को छानकर शीशी में भर ले और 10 ml गुलाब इतर डाल लें।

इस तेल को 3 बार योनि पर अंदर तक लगाए।
तुरंत आप को फ़ायदा होने लगेगा।

    ऑनलाइन के लिए अभी करे संपर्क
         *Whats 94178 62263*

सिद्ध नारीशक्ति कल्पचुर्ण

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*आयुर्वेदिक दवा*
            *ओवेरियन सिस्ट के लिए*
         *सिद्ध नारीशक्ति कल्पचुर्ण*
             *Online मंगवाए*
         *Whats 94178 62263* *कई महिलाओं को ये समस्‍या हारमोन्‍स के असंतुलन की वजह से होती है। ऐसे में हर्ब्‍स बहुत ही सहायक होती हैं। अलसी, तिल आदि का सेवन लाभकारी होता है और ये उस सिस्‍ट हो खत्‍म कर देते हैं। साथ ही नए सिस्‍ट को बनने से रोकते हैं।* *अधिकांश महिलाऐं जो ओवेरियन सिस्ट की समस्या का सामना करती हैं उनमें कुछ खास लक्षण एक से देखे जा सकते हैं जिनमें कुछ प्रमुख लक्षण इस प्रकार हैं- ओवरी या अंडाशय में दर्द, सूजन, अनियमित मासिक धर्म, मूत्र से संबंधित समस्या, सेक्स के दौरान दर्द का अनुभव और वजन का बढ़ना.* *अगर आपको बहुत ही गंभीर या तेज़ श्रोणि में दर्द, बुखार, चक्कर आना, जल्दी जल्दी सांस लेना या योनि में थोड़े थोड़े खून के धब्बों के साथ दर्द जैसे लक्षण दिखाई देते हैं तो यह दवा इस्तेमाल करे।*
           *दवा online मंगवाए*
      *WHAts 94178 62263*
         *क्या है अयूर्वादिक दवा*        सिद्ध नारीशक्ति कल्पचुर्ण
अलसी          200 ग्राम
सौंठ भुनी …

सिद्ध मोटापा नाशक कल्पचुर्ण

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        *सिद्ध मोटापा नाशक कल्पचुर्ण* *विश्वास का एक नाम है -सिद्ध आयुर्वेदिक*
*क्योंकि सिद्ध आयुर्वेदिक हर दवा कारगर है*             ¶यह एक फ़ूड है इस योग का
    कोई साइड इफेक्ट्स और नुकसान नही है।¶             【बाजार में  मिलने वाली दवाएं
        हड्ड़ी रोग का कारण बन सकती हैं।】
★★★
नोट -: online दवा मंगवाए जिस में हम आप को साथ मे कायकल्प चुर्ण भी देगे। जो आप की नाड़ी तंत्र को शुद्ध और साफ करेगा। कायकल्प  चुर्ण बारे जानने के लिए whats 94178 62263  पर sms करे।          *मोटापा नाशक कल्पचुर्ण के फायदे* * मोटापा कम करने  के साथ साथ यह भी फायदे होंगे* ★*अधिक वजन होने से ट्राइग्लिसराइड्स जाते हैं और एलडीएल (खराब कोलेस्ट्रॉल) भी बढ़ जाते है।
यह चुर्ण कॉलोस्ट्रल को ठीक करेगा।* ★*खून शुद्वि होगी* ★*वातरोग और कफ़ रोग  ठीक होगा होगा* ★लीवर सिरोसिस, फैटी लीवर, पीलिया, यकृत का बढ़ना आदि में इसके सेवन से लाभ मिलता है | ★आंतो के विकारों में भी इसका सेवन लाभ दायक होता है | इसके सेवन से आंते साफ होती है एवं अगर कोई आंतो का इन्फेक्शन है तो वह भी ठीक होता है | ◆सभी प्रकार की ज्वर …

सिद्ध कब्जहर कल्पचूर्ण

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       *सिद्ध कब्जहर कल्पचूर्ण*
       *जिदी कब्ज को करे जड़ से खत्म*
      *इसका कोई साइड इफेक्ट्स नही है*
                 *Online मंगवाए*
         *Whats 94178 62263*

सिद्ध कब्जहर कल्पचूर्ण कब्ज के लिए इस्तेमाल की जाने वाली एक काफी लोकप्रिय आयुर्वेदिक औषधि है. इस चूर्ण को तैयार करने के लिए मुलेठी, आजवाइन, कोडतुम्बा अजवाइन नीशोथ, काला नामक और हरीतकी समेत कई अन्य जड़ी-बूटियों का इस्तेमाल किया जाता है. कोडतुम्बा से
बनी अजवाइन 250 ग्राम
त्रिफला          100 ग्राम
भृंगराज चूर्ण   100 ग्राम
गिलोय           100 ग्राम
अजवायन      100 ग्राम
करेला चुर्ण     100 ग्राम
तुलसी पंचाग  100 ग्राम
सोंठ               50 ग्राम
अडूसा            50 ग्राम
पिपली छोटी    50 ग्राम
त्रिकुट             50 ग्राम
मुलहठी           20 ग्राम
हल्दी              20 ग्राम
अतीस             20 ग्राम
चिरायता          20ग्राम
काला नमक     20 ग्राम
सेंधा नमक       20 ग्राम
पुदीना सत       20 ग्राम
निम्बू सत         20 ग्राम
इसे 400 ग्राम एलोवेरा रस में भावना दे।
सेवन 1 चमच्च रात को कोसे दूध के साथ ले।
सुबह पेट बिल्कुल साफ हो …

बसंत ऋतु के रोग औऱ इलाज

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     *बसंत ऋतु में आयुर्वेदिक दवाएं*
                *और खान-पान*

बसंत ऋतु में कफ़ रोग, लीवर रोग , ह्र्दय रोग और खून अशुद्धि जैसे रोग उतपन्न होते हैं।
इसे कच्ची मौसम के रोग भी बोला जाता है।
सिद्ध आयुर्वेदिक औषधियों इस मौसम के हिसाब से निर्मत की जाती है।
।।वसंत ऋतु इस्तेमाल करने योग्य सिद्ध चुर्ण।।
1.सिद्ध कफ़ नाशक कल्पचुर्ण
2.सिद्ध लिवर कल्पचुर्ण
3.सिद्ध ह्रदय कल्पचुर्ण 4.सिद्ध खून शुद्धि कल्पचुर्ण
लिंकः देख सकते टच करे
Sidhayurvedic.com
हिन्‍दू कैलेंडर के हिसाब से15 मार्च से 15 मई का वक्‍त वसंत ऋतु का होता है। 
वसंत ऋतु का शरीर  पर क्‍या असर पड़ता है?  यह वक्‍त गर्मी और सर्दी के बीच का होता है इसलिए ठंड और गर्मी दोनों का इफेक्‍ट होता है। दिन में गर्मी और रात को ठंडक होती है।
इस मौसम में कफ दोष बॉडी पर और हावी होने लगता है।
वजह ये है कि इससे पहले वाले मौसम यानी शिशिर ऋतु में बॉडी में जमा कफ अब गर्मी होने पर पिघल जाता है।
इससे खासतौर पर पचाने की ताकत पर असर पड़ता है। साफ तौर पर कहें तो खाने को पचाने वाली आग जिसे जठराग्‍नि कहते हैं, कमजोर पड़ जाती है। एक तो वैसे ही इस मौसम में कफ का असर ज्‍यादा होता ह…

सालम पंजा - शरीर की हर शक्ति देता है जगा

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          Sidhayurvedic.com                *सालम पंजा*      *शरीर की हर शक्ति देता है जगा*

     *एक जीवित ऊर्जा प्रदान करता है* *अयुर्वेदिक अनंत जड़ी बूटी मानव जीवन के लिए कुदरत का वरदान है।।*
*सालम पंजा युक्त सिद्ध शक्तिवर्धक कल्पचुर्ण online मंगवाए*
*'सालमपंजा' एक बहुत ही गुणकारी, बलवीर्यवर्द्धक, पौष्टिक और यौन शक्ति को बढ़ाकर नपुंसकता नष्ट करने वाली वनौषधि है।*
*यह बल बढ़ाने वाला, शीतवीर्य, भारी, स्निग्ध, तृप्तिदायक और मांस की वृद्धि करने वाला होता है। यह वात-पित्त का शमन करने वाला, रस में मधुर होता है।*
विभिन्न भाषाओं में नाम : संस्कृत- मुंजातक। हिन्दी- सालमपंजा। मराठी- सालम। गुजराती- सालम। तेलुगू- गोरू चेट्टु। इंग्लिश- सालेप। लैटिन- आर्किस लेटिफोलिया।
परिचय : सालम हिमालय और तिब्बत में 8 से 12 हजार फीट की ऊंचाई पर पैदा होता है। भारत में इसकी आवक ज्यादातर ईरान और अफगानिस्तान से होती है। सालमपंजा का उपयोग शारीरिक, बलवीर्य की वृद्धि के लिए, वाजीकारक नुस्खों में दीर्घकाल से होता आ रहा है। 
समुद्र यात्रा : समुद्र में प्रायः यात्रा करते रहने वाले पश्चिमी देशों के लोग प्रतिदिन 2 चम्मच चूर्ण ए…